(साल 2015) खत्म होना तो एक शरुआत (नव वर्ष2016) है !

                कहना गलत नहीं होगा कि बीते वर्ष के शब्द पिछले साल की भाषा से जुड़े होते है, जबकि नए वर्ष के शब्दों को नई परिभाषा का इंतज़ार होता है. शायद इसी लिए नया साल शुभकामनाओं और उमीदों के साथ एक नया सफर आरम्भ करता है. लेकिन जितनी उमीदें बीते वर्ष में रहती हैं वह सारी की सारी पूरी नहीं हो पातीं, अतः बची हुई उमीदों के सहारे नए साल को खैरमकदम किया जाता रहा है.
                 लेकिन, नएवर्ष के खैरमकदम से पहले बीते २०१५ में विदा हुए भारतियों की भावुक करदेने वाली विदाई, पहली बार प्रकाश में आई घटनाएं, तो वहीँ साल २०१५ को  रोचक, रोमांचक, भावनात्मक, सहनशीलता, संवेदना, विवादस्पद , बदला, साहस, समर्पण, अचीवमेंट आदि से सराबोर कर देने वाले ऐतिहासिक पहलुओं से रूबरू होना ज़रूरी है.
             विदाई जो आने वाली पीढ़ियों के लिए सदा अमूल्य रहेंगी. 
नई सोंच का दुस्साहस दिखाओ, बड़ा सोचो, बुराई ख़त्म करो, सफलता के तीन रहस्य से अवगत रहो- डॉ  कलम 
पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलम ने कहा था कि वे सबसे पहले शिक्षक हैं. संयोग तो कह नहीं सकते, लेकिन बदकिस्मती ज़रूर हैं कि स्वर्गीय कलाम साहब एक शिक्षक की तरह शिलोंग के एक कार्यक्रम में लेक्चर देते हुए बेहोश हुए, देखते ही देखते उनकी धड़कनें थम गईं वे सदा के लिए अमर होगए. उनकी जीवनी अगर केजी से पीजी तक  इंसानियत का पाठ पढ़ाने वाला विश्विदयालय होसकटी हैं, तो उनका समाज के प्रति समर्पण अमूल्य प्रेरणा का स्रोत भी है, वहीँ उनकी विज्ञान की समझ सदा युवाओं को विज्ञान के प्रति आकर्षित करते हुए देश को कभी न ख़त्म होने वाली वैज्ञानिकों की खेप देती रहेगी. उनके द्वारा बताए गए सफलता प्राप्त करने वाले रहस्य – पहला ‘सही निर्णय’; दूसरा ‘सही निर्णय कैसे ? अनुभव से’;तीसरा ‘अनुभव कैसे ? गलत निर्णय से’; हमेशा हमेशा के लिए कामयाबी हासिल करने का अमूल्य मन्त्र बन गए.
       संवेदना सीखा गए नेकचन्द 
समाज में नेक तो चंद ही होते हैं, नेकचंद उनमें से एक थे. देश के बंटवारे के असहनशील दर्द की टीस से पत्थरों में जान फूंकने वाले नेकचन्द के तराशे ४० एकड़ में फैले रॉक गार्डन को सवा करोड़ लोग देख चुके हैं.
       सहनशीलता सीखा गईं अरुणा शानबाग 
अगर दर्द सहने की सीमा समझनी हो तो अरुणा शानबाग की जीवनी पढ़िए. ये वह हस्ती हैं जो एक तरफ साहस की प्रतीक बनीं तो वहीं सहनशीलता की ऐसी मिसाल बनीं जो बिना गलती ४२ साल तक दूसरे के दिए दर्द से लड़ती रहीं, अगर सारा देश एक साथ नमन करता हैं तो भी काम हैं.
       आर्किटेक्ट की नायब यूनिवर्सिटी – चार्ल्स कोरिया 
मोहनजोदड़ो, कुतुबमीनार, ताजमहल आदि न जाने कितनी नायब मिसालें विश्व में  भारतीय आर्किटेक्ट की पहचान बनीं, इसी कड़ी को आगे बढ़ाया चलस कोरिया ने जिनकी अनगिनत इमारती रचनाओं से विश्व हैरान हैं.
     आवाज़ उतहने के लिए बोलना ज़रूरी नहीं – आरके लक्ष्मण 
मशहूर कार्टूनिस्ट आरके लक्ष्मण वह हस्ती हैं जिन्हें कभी जेजे स्कूल ऑफ़ आर्ट ने दाखला नहीं दिया था, दस वर्षों बाद उन्हें संस्थान के वार्षिक कार्यक्रम में चीफ गेस्ट बनाया गया. उनकी जादुई कार्टून रचनाएँ ५५ साल तक आम आदमी की आवाज़ बनीं.
     समर्पण – ४० वर्ष तक जारी रहा अनवरत संघर्ष
वि एच ई के वरिष्ठ नेता अशोक सिंघल राम मंदिर बनाने का सपना मन में संजोय ८९ वर्ष की उम्र में दुनिया से विदा हुए.
अभिनेत्री साधना की एक साथ अभिनय और संघर्ष यात्रा को २०१५ में विराम लगा.
हीरो ग्रुप के संस्थापक मुंजाल बंधू के कल्पना ने दुनिया को दो पहिये वाहन का नायब तोहफा दिया.
आर्डर ऑफ़ ब्रिटिश एम्पायर से सम्मानित शतरंज के खिोलड़ी सईद जाफरी के बगैर बॉलीवुड का कारवाँ अब आगे बढ़ेगा.
मिस्ट्री की मिस्ट्री बना शीना मर्डर – 
मुंबई का शीना बोरा मर्डर केस सबसे बड़ा मर्डर मीस्त्री तब बना जब हर दिन नए खुलासे होने लगे, इलज़ाम शीना की माँ इन्द्राणी के सिर लगा.
              दुनिया ने पहली बार अनुभव किया 
मेडिकल साइंस- अमेरिका के बालतमोर के जियोनहार्वे के दोनों हाथ संक्रमण के शिकार हुए थे, ४० डॉटर की टीम ने ११ घंटे की मेहनत कर दोनों हाथ ट्रांसप्लांट कर दिए. कुछ ऐसा ही इंडियन डॉटर ने भी जॉर्ज को दो हाँथ ट्रांसप्लांट कर इंसानियत को ख़ास तोहफा दिया.
केरल के डॉकटरों ने गर्भ में पल रहे २९ हफ्ते के भ्रूण के दिल का ऑपरेशन कर इतिहास रचा.
वर्जीनिया के रिचर्ड नॉरिस का चेहरा बदलने के लिए १५० डॉकटरों की टीम ने ३६ घंटे में एवरसोना जिनकी मौत के बाद उनका चेहरा लगा दिया, एवरसोना की बहन इस नई इबारत का अनुभव करने जा पहुंचीं.
सम्मान – सयुंक्त राष्ट्र ने भारत के ५ हज़ार साल पुराने योग को मान्यता देकर 21 जून  को योग दिवस मानाने की परम्परा आरम्भ की, जहाँ इस मुहीम से प्रधानमंत्री मोदीजी ३६ हज़ार लोगों के साथ योग किया वहीँ १९३ देशों ने भी अपने यहाँ योग कार्यक्रम किया.
कानून-रात ३ बजे सुप्रीम कोर्ट खुली ५ बजे फैसला ७ बजे याकूब को फांसी हुई.
किस्मत – हिट एंड रन केस में सलमान खान को मिली मुक्ति.
ताकत- भारतीय सेना ने मेयमर सेना की मदद से पहली बार सीमा पार की कार्रवाई में ४० आतंकवादियों को मार गिराया.
महिला शक्ति को सम्मान – गणतंत्र दिवस की परेड में पहली बार जल, थल और वायु सेना का महिला सांय दस्ता शामिल हुआ, कैप्टन दिव्या ने नारी शक्ति की इस थीम परेड का नेतृत्व किया.
हाईवे बना रनवे- भारतीय एयरफोर्स ने हाईवे पर मिराज-२००० की सफल लैंडिंग इतिहास बनी.
घटनाएं रोचक, रोमांचक, ………………………..आदि यादगार बना गेन २०१५ 
रोचक- जोधपुर के गावं पंडित जी की धनी में जयराम सरन के घर गावं का पहला शौचालय बना, उद्घाटन के लिए गावं की महिला प्रधान ने फीता कटा .
रोमांचक- छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में टावर पर  हाईटेंशन तार चढ़ाया जा रहा था, मज़दूर तार को ट्रकटर की मदद से खिंच रहे थे तभी माजरा देख रहे युवक को उसकी बाइक समेत तार ने उप्र खिंच लिया.
 भावनात्मक- बिलासपुर में पति पत्नी बच्चे समेत जारहे थे अचानक चार की ठोकर ने सब को घायल कर दिया, बेहोश माँ बच्चे की परवाह करते हुए उसी हालत में बच्चे को छाती से लगा लिया.
नक़ल vs अक्ल – बिहार में सालाना परीक्षा चल रही थीं, वैशाली जिला के एक हइस्कूल की चार महल की बिल्डिंग में नक़ल कराने के लिए चार महले पर नीचे से ऊपर बनी ३ दर्जन खिड़कियों पर चमगादड़ की तरह लटकते हुए अजीबो गरीब पल का दीदार दिया.
मोहलेने वाला पल– रांची में संतोष जिस ठेले के ऊपर उबला अंडा बेचता है, उसी के नीचे उस गरीब का बेटा करन बैठ कर पढ़ता है, आते जाते कस्टमर से वह पूछ कर वह होमवर्क लिखता है.
बदला- आडवाणी के क़रीबी कुलकर्णी पाक के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद की किताब विमोचन करने वाले थे, शिव सेना ने विरोध किया, परिणाम स्वरुप कुलकर्णी को के चेहरे को पर कालिख पोती गई.
कर्तव्य – बठिंडा डीएसपी ने महिला को बचने हेतु पल से नहर में छलांग लगा कर्तव्य का पथ सिखाया.