१.२५ लाख करोड़ का मुद्रा अभिषेक आज बिहार को , तो कल पश्चिम बंगाल को ???? उसके बाद उत्तर प्रदेश को कितना ????

बात २८ मई २०११ की है, जब नितीश कुमार जो उस समय भी बिहार के मुख्यमंत्री थे, उन्होंने उस वक़्त की केंद्र सरकार यानि मनमोहन सरकार से बिहार के लिए विशेष राज्य का दर्जा माँगा था , लेकिन बात बानी नहीं , जिसका सिलसिला चलता रहा . लेकिन २०१३ की रघु राजन पैनल की जमा रिपोर्ट का तर्क मिला , उन्होंने विशेष राज्य की जगहज विशेष पैकेज की मांग शुरू कर दी .ये सिलसिला मनमोहन के दौर से जो चला तो आज मोदी सरकार के डेढ़ वर्ष के कार्यकाल तक जस का तस है.

वह तो भला हो बिहार के २०१५ चुनावी कुम्भ का , जहाँ बिहार के लिए मुद्राभिषेक मोदी जी ने बिहार जाकर किया, वह भी साठ नहीं , सत्तर नहीं १.६५ लाख करोड़ का, ऐसी दर्यादिली की उम्मीद तो बिहार क्या पुरे भारत को भी नहीं रही होगी. लेकिन , मज़े की बात ये है की भावी चुनाव के लिए बिहार का दिल जीतने के लिए मोदी जी ने पैकेज की घोषणा के साथ होने वाले खर्च हेतु तफ्सील से ब्यौरा भी घोषित कर दिए.
मोदी जी की दरियादिली से लबरेज़ पैकेज और भाषण क्या बिहार में कमल खिलने के लिए उर्वरक यूरिया एवं पर्याप्त सिंचाई का पर्याय बनेंगे ?????????
असल में बिहार झारखण्ड विभाजन के बाद से ही बिहार की उपेक्षा की जारही थी , जिस की भरपाई करने के लिए सवा लाख करोड़ की सियासी रिश्वत काफी होगी ????????????

सवा लाख करोड़ की सियासी रिश्वत ही सही , ऐसे पैकेज पर बिहार का हक़ था . फिर इसे घोषित करने में मोदी सरकार का डेढ़ साल का कार्यकाल लग गया , क्या इसका पहले ही घोषित होना बिहार को लाभ कम कम देता ?????? या फिर भाजपा को कल की तुलना में आज की घोषणा से अधिक लाभ होगा ??????

बात अगर बिहार की हो तो इतने बड़े पैकेज से वाकई बिहार का दिल बाग़ बाग़ होगा , पैकेज की घोषणा का अंदाज़ …साठ दूँ , सत्तर दूँ …. बोली लगाने जैसा था , जो बिहार के स्वाभिमान को ज़रूर चुभेगा ????????

अब जब १.६५ लाख करोड़के पैकेज की घोषणा हो ही गई है, वह भी होने वाले खर्च के ब्योरे के साथ , तो फिर बिहार विधान सभा चुनव से पूर्व केंद्र सरकार साफ साफ घोषित करे की १.२५ लाख करोड़ की राशि का अनुदान …कैसी किश्तों में….कितनी किश्तों में …..कितने वर्षों में……. बिहार के सुपुर्द की जाएगी ????????????????

प्रश्न तो ये भी है की ये राशि केंद्र से मिलने वाली सालाना राशि से कितनी भिन्न होगी ????????????????

मन किया जाए की बिहार ने जीते हुए दिल से खिले हुए कमल का तोहफा भाजपा को चुनाव परिणाम के रूप में दे दिया , तब तो पैकेज के बिहार आने पर संदेह नहीं है. लेकिन , कहीं कमल नहीं खिला क्या तब भी राशि मोदी सरकार भावी बिहार सरकार के सुपुर्द करेगी ???????????????????
तब तो ये तै है की अाने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के विधान सभा चनाव क़तर में है , वहां के लिए ऐसी कौन कौन से दरियादिली जनता का दिल जीतने को तैयार है .