info@msalam.biz

ISIS जैसे आसामाजिक संगठनों के सच के अर्थ क्या हैं ???

ज़रा सोचिये कि आप अपनी कार से कहीं जा रहे हैं, फ्रेश होने के लिए आप किसी ढाबे पर रुकते हैं, अचानक आपकी कार कुछ क्रिमनल के हाथों हाइजैक हो जाती है, अब एक के बाद एक कई वारदात घटती चली जाती हैं, कार के नमबर को आधार बना पुलिस कार के मालिक को कुसूरवार […]

Read More »

जागो जनता जागो

बड़ी मुश्किल से भारतीय मुस्लमान हज के लिए मक्का मदीना जा पते है. आखिर क्यों ?????? भारतीय मुस्लिमों में सर्वाधिक हाजी रिटायरमेंट के बाद हज करते है. आखिर क्यों ??????? ९९ % हाजी जीवन में सिर्फ एक बार ही हज कर पते है. आखिर क्यों ??????? ऐसे न जाने कितने प्रश्न उठते है, लेकिन जवाब […]

Read More »

भारतीय मुसलमानो के कितने क़रीब है आज़म और ओवैसी ???

बड़ा ही गहरा साया देश के अम्नो अमाँ की की जानिब हो चला है. जब से देश ने आज़ादी पाई है है, हर तरफ मुस्लिमो का हिमायती बनने की होड़ सी लगी है, जो लगातार बढ़ती जा रही है . देश के मुसलमानो ने सिर्फ बाते और भाषण सुनें तो वहीँ वादों की खोखली पृष्ठभूमि […]

Read More »

TATA JAMSHEDPUR CURFEW 2015-” मत जलाओ मेरे शहर को ये अम्नो- अमाँ की निशानी है “

” मत जलाओ मेरे शहर को ये अम्नो- अमाँ की निशानी है ” गुलाम भारत में मॉडर्न भारत का खाब जिस लीजेंड ने देखा , उसने भी कभी न सोचा होगा कि आगे चल कर ये खाब हक़ीक़त के पंख लगाए इस तेज़ी से तरक़्क़ी की राह पकड़ेगा . असल में मॉडर्न भारत से परिभाषित […]

Read More »

कौन जीतेगा बिहार… २८% की अतिपिछड़ी, महापिछड़ी वोटों में सेंध लगाने वाले या इन वोटों को साधने वाले ???

इसमें कोई शक नहीं कि भारत के लोकतंत्र के अब तक के ऐतिहासिक क्लाइमेक्स कि पुनरावृत्ति ही झलकती है बिहार विधान सभा चुनाव में, अर्थात विकास पर भारी पड़ती जाति की राजनीती . बिहार की इन वोटों को लुभाने के लिए जहाँ नितीश ने कुछ जातियों को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की सिफाऱिश केन्द्र […]

Read More »

१.२५ लाख करोड़ का मुद्रा अभिषेक आज बिहार को , तो कल पश्चिम बंगाल को ???? उसके बाद उत्तर प्रदेश को कितना ????

बात २८ मई २०११ की है, जब नितीश कुमार जो उस समय भी बिहार के मुख्यमंत्री थे, उन्होंने उस वक़्त की केंद्र सरकार यानि मनमोहन सरकार से बिहार के लिए विशेष राज्य का दर्जा माँगा था , लेकिन बात बानी नहीं , जिसका सिलसिला चलता रहा . लेकिन २०१३ की रघु राजन पैनल की जमा […]

Read More »

वाजिब डर किसका .. मंडल या फिर कमंडल का ….??????????

कमंडल के खेवनहार यानि प्रधानमंत्री अब तक की भाजपा आयोजित रैलियों में जिस अंदाज़ से ज से जंगल राज , ज से ज़हर ….. और ज से जेल … का डर दिखाकर बिहार जीतना चाहते हैं वह उस प्रतीक्षित महत्वाकांक्षा की ओर इशारे करता है जो अबतक के फेल मंसूबों को पास करने हेतु राज्यसभा […]

Read More »

बिहार विधानसभा चुनाव २०१५ क्या मूंछों के स्वाभिमान की लड़ाई है ???

बिहार विधान सभा चुनावों की तारीखों की घोषणा हो चुकी है, हर तरफ मूंछों पर दिए जारहे बल की ही चर्चा आम है. २४३ विधान सभा सीटों वाले राज्य बिहार में पूर्णबहुमत मिलता किसी भी पार्टी को दिख नहीं रहा. शायद इसी लिए दो राष्ट्रीय दलों में से एक कांग्रेस क्षेत्रीय दलों की शरण में […]

Read More »

पत्रकार सुरक्षा कानून आखिर कब ???

बीते जून के महीने में पत्रकारों को दर्द का एहसास बार बार कराया गया , वह भी तब जब पत्रकार दर्दहीन होकर निडरता पूर्वक देशवासियो की आवाज़ बनते रहे है . फिर भी प्रश्न उठेगा की मीडिया का दुःख कौनसुनेगा, कौन कहेगा, कौन समझेगा ??? देश की स्वतंत्रता पूर्व अंग्रेज़ो को मीडिया के प्रभाव का […]

Read More »

बिहार विधान सभा चुनाओ -2015 “एक मियान में दो तलवार” के चक्रव्यूह में फंसती भाजपा

महांगठबंधन के अलगाव से गदगद भाजपा , खुद को भी अनचाहे चक्रव्यूह में फंसता महसूस ज़रूर कर रही होगी. चक्रव्यूह की रचना तब हुई जब रामबिलास के रहते हुए राजग ने मांझी को बिहार चुनाओ का खेवनहार समझ लिया . दोनों का बिहार विधानसभा चुनाव में राजग के लिए कहीं न कहीं एक मियान में […]

Read More »