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प्रभु जो नहीं सुनोगे रेल यात्रियों की पुकार, कैसे होगी आपकी लीला अपरमपार

फिलहाल रेलवे जनता को क़रीब 32 हज़ार करोड़ रुपये की रियायती सेवाएँ मुहैया करवाती है. इसमें से क़रीब 22 हज़ार करोड़ रुपये का घाटा सामान्य दर्ज़े और उप-नगरीय सेवाओं की वजह से है. दर्द ये कि एक तरफ़ ये भारी घाटा और दूसरी तरफ़ सातवें वेतन आयोग की सिफ़ारिशें सिर पर हैं. जो रेलवे पर […]

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शाह की ताजपोशी से किसे मिलेगी शह किसे मिलेगी मात ?

सफलता के वक़्त गैर भी डुगडुगी बजाने लगते हैं, तो वहीँ असफलता अपनों के चेहरे भी दुसरी दिशा में मोड़ देती हैं. इन बातों का सबसे अधिक तजुर्बा अमित शाह को है, २०१४ जैसा हनीमून पीरियड भाजपा ने अमित शाह के ‘शह और मात’ से अर्जित किया, लेकिन २०१५ दिल्ली एवं बिहार विधान सभा के […]

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पाकिस्तानी कार्रवाई कितनी हकीकत कितना फ़साना ???

याद कीजिये, बैंकॉक में भारत-पाक सुरक्षा सलाहकार मिलते हैं अमेरिका से तारीफ मिलती है. हमारी विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ‘हार्ट ऑफ़ एशिया’ सम्मलेन हेतु इस्लामाबाद जाती हैं, अमेरिका की तरफ से वेलकम होता है. प्रधानमंत्री अचानक लाहौर उतरते हैं, अमेरिकी विदेश मंत्रालय वेलकम में जुट जाता है. कूटनीतिक वेलकम करता अमेरिका आखिर किस उतावलेपन का […]

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मालदा, पूर्णिया अगर देवबंदी बनाम बरेलवी का परिणाम है, तो वहीँ मुस्लिम वोट बैंक हेतु नकारात्मक राजनीति का हिस्सा भी !

                लोगों के बीच ताज़ा गुस्सा है कि दादरी के अख़लाक काँड को लेकर मर्माहत हुए लोगों को अब माल्दा और पूर्णिया के मुसलमानों की असहिष्णुता क्यों नहीं दिख रही? समाज की दुर्दशा पर, बढ़ती असहनशीलता पर, तुष्टिकरण और वोट बैंक की सियासत पर, अब संवेदनशील लोगों का […]

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बेबाक जीवनी ‘ एनीथिंग बट खामोश ‘ क्या राजनितिक गलियारों के सवालों को खामोश कर पाएगी ?

               व्यक्ति की उपलब्धियों का आकलन उस सम्मान से किया जासकता है, जो उसे एक तरफ  अपनी बिरादरी से मिलता हो तो दुसरी तरफ अपने समकालीन शख्सियतों से भी वही सम्मान मिल रहा  हो. उपरोक्त बातें अभिनेता से नेता बने शत्रुघ्न सिन्हा के लिए कही जारही हैं, इस सम्मान […]

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(साल 2015) खत्म होना तो एक शरुआत (नव वर्ष2016) है !

                कहना गलत नहीं होगा कि बीते वर्ष के शब्द पिछले साल की भाषा से जुड़े होते है, जबकि नए वर्ष के शब्दों को नई परिभाषा का इंतज़ार होता है. शायद इसी लिए नया साल शुभकामनाओं और उमीदों के साथ एक नया सफर आरम्भ करता है. लेकिन जितनी […]

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पंजाब हमला भारत के भरोसे पर ‘नापाक खंजर’, रिश्तों पर आघात नहीं तो क्या है ?

                    छह महीने में दूसरी बार बड़े आतंकी हमले को झेलने वाला पंजाब ,वहां के एक जिले के एसपी की गाड़ी एसपी सहित छीन ली जाती है. गाड़ी छीनने वाले कथित तौर पर सेना की वर्दी में होते हैं, वारदात अंजाम होने के कुछ घंटों बाद […]

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