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गांधीजी, तो अब ! ऐसा देश है मेरा ?

             देश की राजधानी दिल्ली का जाएज़ लीजिये, सड़क कम गाड़ियां ज्यादा, कंक्रीट की सड़कों पर गाड़ियों का जंगल बेहयाई से उगा जा रहा है. अगर आप इस हुजूम में फंस गये तो क्या रात क्या दिन, ज़िंदगी बसर सड़क पर ही होती प्रतीत हो रही है, या फिर लाखो […]

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क्यों? सिस्टम भ्रष्ट नहीं है बल्कि भ्रष्टाचार के लिये ही सिस्टम है ?

       याद कीजिये भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना आंदोलन को और सोचिये क्या वाकई राजनीति में पहुँच बनाते हुए सत्ता हासिल कर क्या सिस्टम बदला जा सकता है. क्योकि दिल्ली में लोकपाल के सवाल को हाशिये पर रख कर, दिल्ली के ही दस विधायक ऐसे जो सत्ता पाने के बरस भर के भीतर दागी […]

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आतंकवाद, उग्रवाद और नक्सलवाद की बढ़ती ज़मीन पे सुलगता देश

        गुजरे16 बरस में केन्द्र की सत्ता 360 डिग्री कोण से घूम कर बीजेपी के पास आ चुकी है। बावजूद इसके कश्मीर, नार्थ ईस्ट और मध्य भारत जहाँ आतंकवाद, उग्रवाद एवम नक्सलवाद ने घुसपैठ करते हुए लगभग अपनी ज़मीन बना ली है. यानी तीनो जगहों में लगातार हो रही हिंसा के मद्देनजर […]

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कश्मीर की हरियाली को निगलती लालचौक की लाली

     कश्मीर के आतंकी बुरहान के एनकाउंटर पर घाटी सुलग रही है. 34 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं और पंद्रह सौ से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं श्रीनगर में पांचवें दिन कर्फ्यू जारी है. कर्फ्यू की वजह से लोगों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है. जो कुछ भी घटा […]

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