info@msalam.biz

ना बापू हैं, ना ही जनता में समझ, ……तो नेताओं का स्वार्थ क्या यूँ ही हिंसा जारी रखेगा ?

जवाब पर जवाब देते रहने की संकल्पना से हिंसा की चिंगारी ज्वालामुखी की ही रचना करती है, तभी तो सब्जरंग से सजा धजा समाज इस कदर भस्म होजाता है किउसकी राख भी खाक हो जाती है , ताकि असामाजिकता की आत्मा को शांत रखने हेतु उस राख को नदी की धरा में प्रवाहित कर समाज […]

Read More »