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त से तल्खी , त से तेवर ……फिर महांगठबंधन में त से तलाक क्यों ….???

बड़े अरमानों से महांगठबंधन की आधार शिला सेकुलरिज़्म कि ज़रूरत को बताते हुए मोदी रथ को रोकने हेतु रखी थी कद्दावर मुलायम, सुशासन बाबू और सैफई के समधी लालू ने, लेकिन, सेकुलरिज़्म के तमगे से सजा महांगठबंधन क्लाइमेक्स से पहले ही टूट गया . टूटने का दाग लगा लालू नितीश के सर , सपा प्रवक्ता […]

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सेक्युलरवाद की अग्निपरीक्षा जारी है !

शब्द ‘सर्वधर्म सदभाव’ सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी की खोज नहीं है, ये शब्द तो महान सम्राट अशोक की कल्पना थे, तो वहीँ सम्राट अकबर की तराशी हुई आज की समाजिक बुनियाद भी है सर्वधर्म सदभाव, इसे नए कलेवर में पिरोया एक सनातनी हिन्दू महात्मा गांधी ने और परिचित किया नए रूप अर्थात सेक्युलरवाद से . जिसे […]

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आरक्षण राष्ट्रीयता के लिए कितना विष कितना अमृत ?????

आरक्षण राष्ट्रीयता के लिए कितना विष कितना अमृत ????? जाति आधारित संकल्पना आखिर अस्तित्व में क्यों आई ? क्या जाति आधारित संकल्पना का परिणाम आरक्षण है ? आरक्षण सर्वधर्म सदभाव वाले देश अर्थात भारत में किस हद तक सार्थक सिद्ध हुआ है ? आखिर आरक्षण से देश के भविष्य का होगा क्या ? कहीं ऐसा […]

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साख की जंग नीतीश और मोदी में, लालू वजूद तो कॉंग्रेस ठौर की तलाश में – बिहार विधान सभा चुनाव

देश जानता है कि खालिस अंदाज़ के धनी लालू प्रसाद १५ वर्षीय वक़्त की आज़माइश से निकलने को जितने बेताब हैं उससे कहीं अधिक अपने राजनीतिक वजूद को बचाने की जद्दोजहद भी कर रहे हैं. ये वजूद की जद्दोजहद ही तो है कि जे.पी. के शागिर्द लालू नीतीश के साथ आ खड़े हुए. ये वही […]

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